Hamarichoupal,30,05,2026
विकासनगर। यमुना नदी के रिवर बेड में कथित अनियमित खनन को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केलाश रिवर बैंड मिनरल्स लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वन विभाग ने कंपनी पर आसन कंजर्वेशन रिजर्व के 10 किलोमीटर ईको सेंसिटिव जोन (ESZ) क्षेत्र में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की अनिवार्य स्वीकृति के बिना खनन एवं खनिज परिवहन गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी कालसी राजीव नयन नौटियाल द्वारा जारी नोटिस के अनुसार वन विभाग की टीम ने 23 और 25 मई को नवाबगढ़ पुल के समीप यमुना नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान खनन गतिविधियां संचालित पाए जाने पर कंपनी से संबंधित अभिलेख और अनुमतियां मांगी गईं, लेकिन NBWL की स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
वन विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986, भारतीय वन अधिनियम-1927 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के दिशा-निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना है।
निरीक्षण रिपोर्ट में स्वीकृत सीमा से बाहर खनन, नदी तटों को नुकसान, पोकलैंड व जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग, बिना पंजीकरण वाहनों से खनिज परिवहन, भार तौल व्यवस्था का अभाव तथा पर्यावरणीय प्रबंधन मानकों की अनदेखी जैसी कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
वन विभाग ने कंपनी को तत्काल प्रभाव से संबंधित खनन गतिविधियां रोकने के निर्देश दिए हैं और 48 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंपनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई, पंजीकरण निरस्तीकरण, अर्थदंड समेत अन्य वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
खनन क्षेत्र में इस कार्रवाई को यमुना रिवर बेड में कथित अवैध खनन के विरुद्ध वन विभाग की अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
