AnuragGupta
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय का घेराव कर उधमसिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र में एक किसान की आत्महत्या के मामले की सीबीआई से जांच और आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के तत्काल निलंबन की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकाले गए जुलूस ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया और पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 10 जनवरी को ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह की पुलिस प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करने की घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मृतक किसान द्वारा धोखाधड़ी के खिलाफ दी गई तहरीर के बाद भू-माफियाओं को पुलिस ने संरक्षण दिया और शिकायतकर्ता किसान को ही लगातार प्रताड़ित किया गया। कांग्रेस ने यह भी कहा कि राज्य पुलिस पर खनन माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं।
नेताओं ने कहा कि यह घटना न केवल एक किसान की आत्महत्या है, बल्कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के माथे पर कलंक है। उन्होंने कहा कि किसान द्वारा मृत्यु पूर्व लिखे घोषणा पत्र में जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का नाम स्पष्ट रूप से लिया गया है, जो भू-माफियाओं के समर्थन में थे। उन्होंने आशंका जताई कि उसी एसपी द्वारा गठित एसआईटी निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगी।

प्रदेश कांग्रेस ने पुलिस महानिदेशक से निम्नलिखित तीन मांगें कीं:
- जनपद उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
- किसान आत्महत्या मामले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
- आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति, जिला पंचायत अध्यक्ष सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रेमानन्द महाजन, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजीव महर्षि, विजय सारस्वत, अनुपम शर्मा, गोदावरी थापली, राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी, पूर्व सैनिक अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, विरेन्द्र रावत, प्रभुलाल बहुगुणा, राजपाल खरोला, विरेन्द्र पोखरियाल, सुरेन्द्र रांगड, अभिनव थापर, अमरजीत सिंह, शिवानी थपलियाल मिश्रा, नरेशानन्द नौटियाल, रॉबिन त्यागी, महेन्द्र सिंह नेगी, मानवेन्द्र सिह, टीकाराम पाण्डेय, पूरन सिंह रावत, टीटू त्यागी, सुमेन्द्र बोरा, अश्विनी बहुगुणा, अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओमप्रकाश सती, शीशपाल बिष्ट, संदीप चमोली, कामेश्वर राणा, प्रदीप जोशी, महन्त विनय सारस्व्त, संजय शर्मा, जगदीश धीमान, नीनू सहगल, प्रशांत खंडूरी, सावित्री थापा, ऐतात खान, ललित भद्री, उर्मिला थपा, प्रणीता बडोनी, सागर मनवाल, मोहन काला, विजयपाल रावत, देवेन्द्र सिंह, आशा मनोरमा शर्मा, पुष्पा पंवार, निधि नेगी, सुन्दर लाल मुयाल, अनिल नेगी, सुलेमान अली, राजकुमार जायसवाल, अनुराधा तिवाडी, विरेन्द्र पंवार, गुल मोहम्मद, रघुवीर बिष्ट, विनीत प्रसाद भट्ट, बलवीर पंवार, सूरज क्षेत्री, महेश जोशी, नितिन बिष्ट, हुकम सिंह कठैत, स्वाति नेगी, आशीष सैनी, मदन कोली सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।
