Hamarichoupal,13,06,2026
देहरादून, 13 जून। उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने प्रदेश में बच्चों और किशोरों से जुड़ी हालिया घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विकासनगर में 12 वर्षीय बालक के साथ मारपीट, हरिद्वार से अपहृत बालिका की बरामदगी तथा टिहरी में एक किशोर से जुड़े हत्या प्रकरण को गंभीर बताते हुए संबंधित जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से विस्तृत आख्या तलब की है।
डॉ. खन्ना ने कहा कि बच्चों एवं किशोरों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा, उत्पीड़न और अपराध की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक पूर्वाग्रह, असहिष्णुता तथा कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति नैतिक मूल्यों के क्षरण का संकेत है और इस पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों एवं किशोरों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। आयोग ऐसे सभी मामलों की लगातार निगरानी कर रहा है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बाल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 18 जून 2026 को आयोग कार्यालय में विभिन्न विभागों और बाल संरक्षण से जुड़े पक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक में बच्चों की सुरक्षा, गुमशुदगी, अपहरण, सामाजिक उत्पीड़न तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
