हमारी चौपाल
देहरादून, 30 जुलाई। क्लेमेंट टाउन क्षेत्र में नाले में बहने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले में उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके का जायजा लिया, स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

निरीक्षण में सामने आया कि पीड़ित परिवार शहर के बीच अत्यंत दयनीय हालात में प्लास्टिक और लकड़ी से बनी कच्ची झोपड़ी में रह रहा था। परिवार के पांच बच्चों में से दो मासूमों की नाले में बहने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने आयोग को बताया कि बरसात के दौरान तिब्बती बस्ती की ओर से तेज जल प्रवाह नाले की ओर आता है तथा पहले बनी सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने घटना को बेहद दुखद और गंभीर बताते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है और प्रशासनिक लापरवाही या असुरक्षित परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की जान नहीं जानी चाहिए।
आयोग ने प्रशासन से नाले का तकनीकी सर्वे, सुरक्षा दीवार व बैरिकेडिंग, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, चेतावनी संकेतक लगाने, पीड़ित परिवार के पुनर्वास, शेष बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य की व्यवस्था करने तथा क्षेत्र में रहने वाले अन्य परिवारों का भी सुरक्षा सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि मामले की लगातार निगरानी की जाएगी और संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
