खटीमा/चकरपुर, 28 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महिलाओं को कई बड़ी सौगातें दीं। चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश में 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। अभी यह सुविधा 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में संचालित होने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसों को महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस सुविधा का चरणबद्ध विस्तार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा।
महिला स्वरोजगार के लिए बढ़ी ऋण सीमा
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।




सार्वजनिक स्थलों पर बनेंगे हाईटेक टॉयलेट
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों सहित अन्य आवश्यक स्थानों पर महिलाओं के लिए आधुनिक हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की घोषणा भी की। इनमें स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं और बहनों ने मुख्यमंत्री धामी को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक भाई के रूप में वे माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली के लिए अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। जन-धन, मुद्रा, उज्ज्वला और स्वच्छ भारत जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आया है। उत्तराखंड में भी नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, महिला हेल्पलाइन 181 और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा और आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में अब तक 3 लाख 9 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं से लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की इस यात्रा में हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। जब तक प्रदेश की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, सरकार इसी संकल्प के साथ काम करती रहेगी।
कार्यक्रम में दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, रणदीप पोखरिया, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
