Hamarichoupal,07,05,2026
विकासनगर/कालसी। चकराता वन प्रभाग के अंतर्गत आसन संरक्षण रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) में अवैध खनन और परिवहन के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। उप प्रभागीय वनाधिकारी कालसी ने विकासनगर कोतवाली प्रभारी को पत्र भेजकर एम/एस कैलाश आरबीएम लिमिटेड एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा मौके पर पुलिस बल तैनात करने की संस्तुति की है।
वन विभाग के अनुसार 4 जून 2026 को आसन संरक्षण रिजर्व के एक किलोमीटर ईएसजेड क्षेत्र में संचालित कैलाश आरबीएम लिमिटेड के आरबीएम/बालू भंडारण केंद्र के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए स्थल को सीज एवं सील किया गया था। इसके बावजूद 6 जून को किए गए निरीक्षण में पाया गया कि सील किए गए परिसर के आसपास भारी वाहन और डंपर आवाजाही कर रहे थे तथा आरक्षित वन क्षेत्र रामपुरमंडी बीट में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन जारी था।
वन विभाग ने आरोप लगाया है कि सीज एवं सील आदेश के बावजूद परिसर के गेट खुले पाए गए और खनिज सामग्री के अवैध परिवहन के साक्ष्य भी मिले हैं। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल सीज आदेश का उल्लंघन है, बल्कि भारतीय वन अधिनियम 1927, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि जब्त खनिज सामग्री एवं मशीनरी वर्तमान में खुले स्थान पर रखी हुई है, जिसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का वैधानिक दायित्व है। इसलिए स्थल पर तत्काल पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि जब्त सामग्री सुरक्षित रह सके और अवैध गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
वन विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए पूर्व में भी पुलिस विभाग को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हुआ। विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कैलाश आरबीएम लिमिटेड एवं संबंधित लोगों के खिलाफ अवैध खनन, भंडारण, परिवहन, सरकारी आदेशों की अवहेलना, सरकारी कार्य में बाधा तथा जब्त संपत्ति से छेड़छाड़ जैसे मामलों में विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
वन विभाग के इस कदम के बाद क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी निगाहें टिक गई हैं कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
