गुंजी (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्रों को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार प्रयास तेज कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर की दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया तथा देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री के गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन रास्तों, प्रतिकूल मौसम और कम ऑक्सीजन के बीच ऐसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साहस और खेल भावना की सराहना की।
माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि मई 2027 के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार की ओर से ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित की जाएगी। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी। इस आयोजन के माध्यम से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पिछले वर्ष 700 से अधिक धावकों ने लिया था हिस्सा
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। आयोजन की सफलता से आदि कैलाश क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिली है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो क्षेत्र के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को देश के अंतिम गांव के बजाय प्रथम गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अनुरूप इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इससे होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों, होटल कारोबारियों और खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिलता है। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन विकास का सीधा लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और सीमांत गांवों से पलायन रोकने में मदद मिले।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री एवं उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंह नबियाल, सचिव पर्यटन धीराज सिं
ह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने आयोजन को सफल बनाने में सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना करते हुए उनके अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित भी किया।
सीमांत उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई उड़ान, आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में शामिल हुए सीएम धामी
मई 2027 में माणा पास से औली तक दौड़ेगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन, विजेता धावकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
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