अनुराग गप्ता
देहरादून, 13 सितम्बर। वनभूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून वन प्रभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। वनक्षेत्राधिकारी झाझरा रेंज सोनल पनेरू के नेतृत्व में कंडोली-1 क्षेत्र में 1,015 वर्गमीटर आरक्षित वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मौके पर किए गए अनधिकृत निर्माण को नियमानुसार ध्वस्त कर भूमि को पुनः वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
वन विभाग के अनुसार संबंधित आरक्षित वनभूमि पर वर्ष 2006-07 से अनधिकृत निर्माण किया गया था। विभाग द्वारा पूर्व में अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए थे, जिन्हें संबंधित पक्ष ने न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से चुनौती दी थी। हालांकि विभिन्न न्यायिक स्तरों पर विभाग का पक्ष कायम रहा।
प्रकरण में 7 अगस्त 2009 को निर्माण हटाने के आदेश पारित हुए थे। इसके बाद 4 सितम्बर 2009 को विभागीय अपील निरस्त कर दी गई। वहीं 20 सितम्बर 2017 को नैनीताल हाईकोर्ट ने संबंधित रिट याचिका खारिज कर दी। इसके बाद विशेष अपील संख्या 1083/2017 भी 9 जून 2025 को हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई।
न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वन विभाग ने रविवार को मौके पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराया और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
वनभूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने कहा कि आरक्षित वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। वनभूमि की सुरक्षा, संरक्षण और सीमाओं की रक्षा के लिए विभाग की ओर से आगे भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
