उत्तरकाशी। सऊदी अरब में फंसे उत्तरकाशी के गोरसाड़ा गांव निवासी इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए उनकी बेटी दीपिका नौटियाल का संघर्ष अब इंसानियत और सामूहिक सहयोग की मिसाल बनता जा रहा है। पिता को किसी भी कीमत पर वापस वतन लाने के संकल्प के साथ दीपिका ने 2 करोड़ 29 लाख रुपये जुटाने की मुहिम शुरू की है। बेटी की इस भावुक अपील का असर अब देश की सीमाओं से बाहर तक दिखाई दे रहा है।
दीपिका के साहस और पिता के प्रति समर्पण से प्रभावित होकर उत्तराखंड समेत देश-विदेश में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी, सामाजिक संगठन, व्यापारी और आम लोग लगातार मदद के लिए आगे आ रहे हैं। लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग देना शुरू किया है। अभियान के तहत अब तक 1 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है।
शुरुआत में यह पहल एक परिवार की निजी समस्या के समाधान के लिए शुरू हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यापक जन-अभियान का रूप ले चुकी है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इंद्रमणि नौटियाल की स्थिति और दीपिका की अपील लोगों तक पहुंच रही है। इसके बाद लगातार सहायता के लिए लोग सामने आ रहे हैं।
परिजनों के मुताबिक निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी करीब 89 लाख रुपये की और जरूरत है। परिवार को भरोसा है कि जिस तरह अब तक समाज के विभिन्न वर्गों ने साथ दिया है, उसी तरह आगे भी सहयोग मिलता रहेगा और शेष धनराशि जल्द जुटाई जा सकेगी।
दीपिका की यह मुहिम केवल धन जुटाने का प्रयास नहीं रह गई है, बल्कि यह मानवीय संवेदना और सामूहिक सहयोग की ताकत का उदाहरण बन गई है। एक बेटी अपने पिता को वापस लाने के लिए जिस तरह संघर्ष कर रही है, उसने बड़ी संख्या में लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया है।
परिवार को उम्मीद है कि मदद का यह सिलसिला जारी रहेगा और आवश्यक धनराशि जुटने के बाद इंद्रमणि नौटियाल सकुशल अपने परिवार और अपने देश लौट सकेंगे। दीपिका का संघर्ष यह संदेश भी दे रहा है कि संकट कितना ही बड़ा क्यों न हो, जब समाज एकजुट होकर किसी जरूरतमंद के साथ खड़ा होता है तो मुश्किल राह भी आसान हो सकती है।
