देहरादून, 18 अगस्त। सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सदस्य आर्येंद्र शर्मा ने मंगलवार को चुनाव आयोग एवं संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने SIR प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने तथा प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
आर्येंद्र शर्मा ने अधिकारियों को सहसपुर क्षेत्र में फॉर्म-7 के संभावित दुरुपयोग की शिकायत से अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न बूथों पर वैध मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इनमें कई फॉर्म-7 बिना EPIC नंबर के थे तथा कुछ आपत्तियों के साथ चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को समय रहते इस मामले से अवगत कराने के बाद साक्ष्यों के अभाव में कई आपत्तियां खारिज भी हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक आपत्ति की निष्पक्ष जांच और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन बेहद जरूरी है।
शर्मा ने चुनाव आयोग से मांग की कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत या अनियमित तरीके से मतदाता सूची से न हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके नाम भी बिना उचित कारण और निर्धारित प्रक्रिया के नहीं काटे जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा साजिश के तहत किसी वैध मतदाता के खिलाफ झूठी या गलत आपत्ति दर्ज कराई गई है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि फॉर्म-7 जैसी प्रक्रिया का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी संदेश जाए।
सहसपुर में वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान, आर्येंद्र शर्मा ने आयोग से की निष्पक्ष जांच की मांग
SIR में पारदर्शिता की मांग, पात्र मतदाताओं के नाम काटने की साजिश पर आर्येंद्र शर्मा ने उठाए सवाल देहरादून, 18 अगस्त। सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सदस्य आर्येंद्र शर्मा ने मंगलवार को चुनाव आयोग एवं संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने SIR प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने तथा प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। आर्येंद्र शर्मा ने अधिकारियों को सहसपुर क्षेत्र में फॉर्म-7 के संभावित दुरुपयोग की शिकायत से अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न बूथों पर वैध मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इनमें कई फॉर्म-7 बिना EPIC नंबर के थे तथा कुछ आपत्तियों के साथ चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को समय रहते इस मामले से अवगत कराने के बाद साक्ष्यों के अभाव में कई आपत्तियां खारिज भी हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक आपत्ति की निष्पक्ष जांच और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन बेहद जरूरी है। शर्मा ने चुनाव आयोग से मांग की कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत या अनियमित तरीके से मतदाता सूची से न हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके नाम भी बिना उचित कारण और निर्धारित प्रक्रिया के नहीं काटे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा साजिश के तहत किसी वैध मतदाता के खिलाफ झूठी या गलत आपत्ति दर्ज कराई गई है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि फॉर्म-7 जैसी प्रक्रिया का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी संदेश जाए।
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