देहरादून, 29 जुलाई। क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के बढ़ते मामलों और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मणिपाल हॉस्पिटल ने डायलिसिस पेशेंट समिट का आयोजन किया। इस मरीज-केंद्रित कार्यक्रम में 50 से अधिक डायलिसिस मरीजों, किडनी प्रत्यारोपण प्राप्त कर चुके मरीजों, उपचार की प्रतीक्षा कर रहे लोगों और उनके परिजनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों ने किडनी रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए समय पर जांच, नियमित उपचार, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में हर वर्ष दो लाख से अधिक लोग एंड-स्टेज किडनी डिजीज से प्रभावित होते हैं और समय पर उपचार व किडनी प्रत्यारोपण कई मरीजों के लिए बेहतर जीवन का विकल्प बन सकता है।
समिट के दौरान डायटेटिक्स, फिजियोथेरेपी, मनोविज्ञान और डायलिसिस सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों ने मरीजों को व्यक्तिगत परामर्श दिया। मरीजों ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कीं, जबकि उत्कृष्ट साहस का परिचय देने वाले कई मरीजों को सम्मानित भी किया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि किडनी रोग से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टरों की सलाह का पालन और समय पर उपचार सबसे प्रभावी उपाय हैं। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें मरीजों और उनके परिजनों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। मणिपाल हॉस्पिटल ने इस पहल के माध्यम से किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर जीवन के लिए सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
किडनी रोगियों के लिए उम्मीद की नई किरण, मणिपाल हॉस्पिटल ने आयोजित किया डायलिसिस पेशेंट समिट
50 से अधिक मरीजों और परिजनों ने लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने दी समय पर जांच, डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट की अहम जानकारी
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