हमारी चौपाल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन की पहल पर संचालित हिमालयन भोजनालय (हिमालय किचन) पर्यटकों और यात्रियों को पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चखा रहे हैं। रीप परियोजना के सहयोग से जिले के विभिन्न विकासखंडों में शुरू की गई 10 फूड वैन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन गई हैं।
रायपुर, डोईवाला, विकासनगर, सहसपुर और कालसी में संचालित इन भोजनालयों में महिलाएं पौष्टिक पहाड़ी भोजन तैयार करने के साथ झंगोरा, मंडुवा, देसी घी, हरा नमक, अचार, दालें, हल्दी और मिर्च जैसे स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी कर रही हैं। महिलाओं को प्रतिदिन 2 से 4 हजार रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित डोईवाला और अन्य क्षेत्रों के हिमालयन भोजनालयों में यात्रियों की अच्छी आमद से कारोबार को गति मिली है। पर्यटक स्थानीय व्यंजनों के साथ पहाड़ी उत्पाद भी खरीदकर ले जा रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप रीप परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का अभियान सफल हो रहा है। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जल्द ही चकराता के हनोल क्षेत्र में भी नया हिमालयन भोजनालय स्थापित किया जाएगा।
जिला प्रशासन की यह पहल उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद, स्थानीय उत्पादों और महिला सशक्तिकरण का सफल मॉडल बनकर उभर रही है।
