हमारी चौपाल
देहरादून, 18 जुलाई। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में अब शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक आधुनिक, नवाचारी और प्रभावी बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार, आधुनिक तकनीक, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति, पर्यावरण, सोशल इमोशनल लर्निंग और नैतिक शिक्षा जैसे विषयों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
शनिवार को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में एससीईआरटी एवं डायट की समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे विद्यार्थियों में तनाव और मानसिक समस्याओं के संकेतों को समय रहते पहचान सकें। उन्होंने सभी डायट प्राचार्यों को नवाचार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों, साहित्यकारों, लेखकों, अभिभावकों और ग्राम प्रधानों को भी आमंत्रित करने की बात कही, जिससे शिक्षकों को विविध अनुभवों का लाभ मिल सके।
बैठक में उन्होंने डायट संस्थानों को विभिन्न विषयों के शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में स्वीकृत मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर अगले तीन माह में पूरा करने और विभागीय बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्याल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमल्टी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक के.एस. रावत सहित सभी डायट प्राचार्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
