हमारी चौपाल
देहरादून, जुलाई 2026। उत्तराखंड की अग्रणी उच्च शिक्षण संस्था डीआईटी यूनिवर्सिटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा और संस्थागत नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ओपनएआई के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय चैटजीपीटी एजुकेशन (ChatGPT Education) को अपनाकर अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में एआई तकनीक का व्यापक उपयोग करेगा।
इस पहल के साथ डीआईटी यूनिवर्सिटी उन चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल हो गई है, जिन्होंने एआई-नेटिव अकादमिक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इसका उद्देश्य शिक्षण, शोध, नवाचार, छात्र सहायता और संस्थागत उत्पादकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
विश्वविद्यालय के अनुसार यह साझेदारी कंप्यूटिंग स्टडीज, इंजीनियरिंग, भौतिक विज्ञान, लिबरल आर्ट्स, प्रबंधन, आर्किटेक्चर, डिजाइन, फार्मेसी, एलाइड हेल्थकेयर और नर्सिंग सहित विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में एआई के जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देगी।
चैटजीपीटी एजुकेशन के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों को उन्नत एआई मॉडल्स तक सुरक्षित पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। एंटरप्राइज स्तर की सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और प्रशासनिक नियंत्रणों के साथ यह प्लेटफॉर्म शिक्षकों के कौशल विकास, पाठ्यक्रमों में नवाचार, शोध कार्यों में तेजी, छात्र सहायता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा। विश्वविद्यालय अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष एआई असिस्टेंट भी विकसित करेगा।
ओपनएआई में भारत एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शिक्षा प्रमुख राघव गुप्ता ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान अब एआई के प्रयोगात्मक उपयोग से आगे बढ़कर उसे शिक्षण, शोध और संस्थागत प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बना रहे हैं। डीआईटी यूनिवर्सिटी का यह सहयोग व्यावहारिक दृष्टिकोण, जिम्मेदार उपयोग और दीर्घकालिक संस्थागत मूल्य निर्माण का उदाहरण है।
विश्वविद्यालय इस पहल को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। इसके माध्यम से शिक्षण, शोध, नवाचार और संस्थागत संचालन में एआई क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन तकनीक, मटेरियल्स एवं नैनो इंजीनियरिंग, पर्यावरणीय स्थिरता और बहुविषयक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास को गति मिलेगी।
डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी. रघुरामा ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकें उद्योगों तथा समाज को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे दौर में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि ओपनएआई के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों में भविष्य उन्मुख कौशल, बहुविषयक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डीआईटी यूनिवर्सिटी के बारे में
वर्ष 1998 में स्थापित डीआईटी यूनिवर्सिटी 25 वर्षों से अधिक की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ उत्तराखंड की प्रमुख बहुविषयक विश्वविद्यालयों में शामिल है। यहां 9 स्कूल एवं कॉलेजों के माध्यम से इंजीनियरिंग, कंप्यूटिंग स्टडीज, प्रबंधन, लिबरल आर्ट्स, फार्मेसी, आर्किटेक्चर, डिजाइन, एलाइड हेल्थकेयर एवं नर्सिंग सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। विश्वविद्यालय में 300 से अधिक शिक्षक और 8,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा यह डेटा साइंस, चिप डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्कृष्ट शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए जाना जाता है।
