हमारी चौपाल
देहरादून, 08 जुलाई। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने के लिए चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के चौथे दिन नगर निगम परिसर में आयोजित जनसुनवाई शिविर में सेक्टर-04 के नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं तथा आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों का विधिवत अभिलेखीकरण करते हुए उन्हें महायोजना के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए देहरादून के समग्र विकास का विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सहभागिता से महायोजना अधिक समावेशी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनेगी तथा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार महायोजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से जनसुनवाई शिविरों में अधिकाधिक भागीदारी की अपील की।
प्राधिकरण के अनुसार 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप महायोजना तैयार की जा सके। अभियान के अगले चरण में सेक्टर-05 के नागरिकों के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव देने का आग्रह किया है।
