हमारी चौपाल
अनुराग गुप्ता
देहरादून। सहसपुर विकासखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उद्यान विभाग एवं ग्रामोत्थान (रीप) के सहयोग से उड़ान क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं स्थानीय किसानों से ऑर्गेनिक सब्जियां खरीदकर सीमाद्वार स्थित आईटीबीपी को नियमित रूप से आपूर्ति कर रही हैं। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, वहीं महिलाओं की आय और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
सहसपुर ब्लॉक की आमवाला नई पंचायत के कोटरा संतूर गांव की महिलाएं गांव-गांव से किसानों की ताजा सब्जियां एकत्रित कर आईटीबीपी तक पहुंचाती हैं। अप्रैल से अब तक समूह पांच बार 13 कुंतल से अधिक ऑर्गेनिक सब्जियों की आपूर्ति कर चुका है। आपूर्ति में आलू, टमाटर, गोभी, बैंगन, लौकी, भिंडी, शिमला मिर्च, मशरूम, करेला, धनिया, कद्दू और खीरा शामिल हैं।
अब तक की आपूर्ति
– 29 अप्रैल – 317 किलोग्राम
– 11 मई – 181 किलोग्राम
– 29 मई – 209 किलोग्राम
– 12 जून – 306 किलोग्राम
– 2 जुलाई – 328 किलोग्राम
अब तक एक लाख रुपये से अधिक मूल्य की सब्जियां आईटीबीपी को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। समूह की महिलाओं को प्रत्येक आपूर्ति पर लाभ भी मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। आईटीबीपी की ओर से भविष्य में ऑर्गेनिक सब्जियों की मांग में 50 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई गई है। मांग बढ़ने पर विकासनगर, लांघा और डोईवाला क्षेत्र के किसानों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा।
समूह सदस्य लीना धीमान ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिला है और किसानों को बिना बिचौलियों के सीधे अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है। वहीं आईटीबीपी के जवानों को ताजी और पौष्टिक ऑर्गेनिक सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य उद्यान अधिकारी डी.के. तिवारी ने बताया कि किसानों की फसलों का मूल्य आईटीबीपी के साथ हुए एक वर्षीय अनुबंध के अनुसार तय किया गया है, जिससे किसानों को उचित दाम मिल रहा है। जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) सोनम गुप्ता ने बताया कि समूह की महिलाओं को प्रत्येक आपूर्ति में एक से दो हजार रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे उनकी आजीविका को नया आधार मिला है।
