हमारी चौपाल
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों को गंभीर बताते हुए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ मंदिर में सोने की कथित चोरी का रहस्य अब तक नहीं खुला है और अब बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे की चोरी के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि देश पहले ही अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवादों से आहत है और अब बद्री-केदार मंदिरों से जुड़ी खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों के प्रबंधन की जिम्मेदारी भाजपा सरकारों द्वारा गठित संस्थाओं पर है, इसलिए सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।
उन्होंने मांग की कि राम मंदिर, बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे एवं सोने से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच जेपीसी की निगरानी में कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पत्रकार वार्ता में धस्माना ने प्रदेश सरकार पर अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में महिला अपराध, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार, स्मार्ट सिटी परियोजना में कथित अनियमितताएं, आपदा पुनर्वास और अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दे बने हुए हैं। ऐसे हालात में भाजपा सरकार और संगठन किस बात का जश्न मना रहे हैं, इसका जवाब जनता को दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में चल रही परिवर्तन संकल्प यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, वरिष्ठ नेता सुशील डोभाल और आनंद सिंह पुंडीर भी मौजूद रहे।
