हमारी चौपाल
देहरादून, 3 जुलाई। उत्तराखंड के जर्जर और क्षतिग्रस्त विद्यालयों के कायाकल्प के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अब वीबी-जीरामजी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन) योजना के तहत विद्यालयों की मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे।
शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को डी-श्रेणी विद्यालयों का पुनः निरीक्षण कर तीन दिन के भीतर संशोधित प्रस्ताव निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन, चाहरदीवारी, संपर्क मार्ग, शौचालय, खेल मैदान, पेयजल और विद्युतीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए आपदा न्यूनीकरण मद से भी जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। संबंधित प्रस्ताव शीघ्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से मानक पूरे करने वाले तथा विषम परिस्थितियों वाले विद्यालयों के उच्चीकरण संबंधी प्रस्ताव भी तीन कार्य दिवस के भीतर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही मंडल, जनपद और ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सभी संबद्धीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रावत ने जादू का पिटारा, कंप्यूटर और फर्नीचर की खरीद में निविदा प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर चिंता जताते हुए निदेशालय स्तर पर जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, हल्द्वानी शहर, देहरादून शहर और कोटद्वार में संचालित मिड-डे मील योजना की भी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को प्रत्येक जनपद के लिए निदेशालय स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। ये अधिकारी जिलों में निर्माण कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट शासन और महानिदेशालय को सौंपेंगे।
बैठक में विद्यालयी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
