Hamarichoupal,28,06,2026
देहरादून, 28 जून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए काशीपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
एसटीएफ के अनुसार मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक जांच की जा रही है। इसी जांच के दौरान काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के क्रम में शनिवार देर रात एसटीएफ ने छापेमारी कर फईम अहमद (24) निवासी हरियावाला चौराहा, थाना कुण्डा, जनपद ऊधमसिंहनगर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने शाहजहांपुर के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का संगठित नेटवर्क कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों से स्वयं आगे आकर हथियार और लाइसेंस सहित आत्मसमर्पण करने की अपील की गई है।
एसटीएफ के अनुसार अब तक इस अभियान में राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कार्रवाई के दौरान 15 अवैध हथियार, 350 कारतूस तथा बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस अथवा अवैध हथियारों के संबंध में कोई सूचना मिले तो तत्काल एसटीएफ को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
