Hamarichoupal,22,06,2026
देहरादून, 22 जून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दल के केंद्रीय महामंत्री एवं तराई मंडल प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल ही में हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में कुछ लोगों और सिख निहंगों के बीच हुई कहासुनी का हिंसक रूप लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंड की संस्कृति सदैव “अतिथि देवो भव” की रही है और उक्रांद किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता।
राजेंद्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि यात्रा सीजन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों द्वारा कब्जा करने और वहां के सेवादारों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा भी की गई है। इसके बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उक्रांद ने इस मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा पहाड़वासियों के लिए अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिनका उद्देश्य उत्तराखंड और पंजाब के बीच वैमनस्य फैलाना प्रतीत होता है। उन्होंने पंजाब सरकार से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य 42 शहीदों के बलिदान के बाद अस्तित्व में आया है और यहां विभिन्न समुदायों ने मिल-जुलकर विकास में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवास कर रहे सिख समुदाय का सामाजिक, सांस्कृतिक और राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म, जाति या क्षेत्र के नाम पर नफरत फैलाने वाले तत्व समाज और देश के लिए घातक हैं।
उक्रांद नेता ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड धार्मिक, पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। ऐसे में सभी समुदायों को एकता और सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता है। हालांकि यदि धार्मिक यात्रा या पर्यटन की आड़ में कोई भी अराजक तत्व प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो क्षेत्रीय दल होने के नाते उक्रांद उसका विरोध करेगा।
प्रेसवार्ता में उक्रांद ने कई मांगें भी रखीं। इनमें कर्णप्रयाग घटना की निष्पक्ष जांच, बिना साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई, सिख धार्मिक स्थलों के लिए श्राइन बोर्ड गठन, रुद्रप्रयाग में निर्माणाधीन बहुमंजिला गुरुद्वारे की वैधता की जांच, नदी किनारे और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में निर्माण नियमों के अनुपालन की जांच तथा गोविंदघाट में सरकारी भूमि पर कथित अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है।
उक्रांद ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी समुदाय को धार्मिक आधार पर विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। दल ने राज्य सरकार से पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
प्रेसवार्ता में केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण, केंद्रीय महामंत्री राजेश्वरी देवी, केंद्रीय महामंत्री रमा चौहान, प्रकाश भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
