Hamarichoupal,07,06,2026
देहरादून। राज्य में अवैध खनन और पर्यावरणीय अपराधों के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई को लेकर संयुक्त नागरिक संगठन, देहरादून ने सरकार से संबंधित अधिकारियों को सम्मानित करने की मांग उठाई है। संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव, गृह सचिव तथा वन सचिव को पत्र भेजकर स्वतंत्रता दिवस 2026 पर खनन माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किए जाने का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र के खिलाफ अभियान से प्रेरित होकर उत्तराखंड में कुछ अधिकारियों ने राजस्व और पर्यावरण संरक्षण के हित में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इनमें विशेष रूप से उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) कालसी राजीव नयन नौटियाल का नाम प्रमुखता से लिया गया है।
संगठन के अनुसार संबंधित वन अधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972, खनिज एवं खनिज विकास (विनियमन) अधिनियम-1957, उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम-1950, सतत रेत खनन प्रबंधन दिशा-निर्देश 2016 तथा एनफोर्समेंट एंड मॉनिटरिंग गाइडलाइन फॉर सैंड माइनिंग-2020 सहित भारतीय वन अधिनियम-1927 के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं पर शिकंजा कसा।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि कालसी वन प्रभाग के अंतर्गत वन क्षेत्र में नियमों का गंभीर उल्लंघन कर किए जा रहे खनन को रोकने के लिए वन विभाग ने कठोर कदम उठाए। कार्रवाई के दौरान उत्तराखंड फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एफडीसी) से जुड़े कार्यों और आरबीएम (रेत, बजरी और पत्थर) के भंडारण केंद्रों तथा स्टोन क्रेशरों की गतिविधियों की जांच की गई। नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आरबीएम/बालू भंडारण केंद्रों और स्टोन क्रेशरों को सील करने और बंद कराने के आदेश जारी किए गए।
संगठन ने अपने पत्र में कहा है कि उत्तराखंड में खनन माफियाओं के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई पहली बार इतने व्यापक स्तर पर देखने को मिली है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली बल्कि सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने वाले तत्वों पर भी अंकुश लगा।
सुशील त्यागी ने पत्र में कहा कि ऐसे अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने से प्रदेश के अन्य अधिकारियों को भी निष्पक्ष और निर्भीक होकर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही भूमि माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों को भी स्पष्ट संदेश जाएगा कि सरकार ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों के साथ खड़ी है।
पत्र में सरकार से मांग की गई है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर राजीव नयन नौटियाल सहित उन अधिकारियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाए जिन्होंने कानून के दायरे में रहकर पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन रोकने के लिए साहसिक कार्रवाई की है। संगठन ने यह भी आग्रह किया है कि शासन स्तर से इस संबंध में शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि जनहित में कार्य करने वाले अधिकारियों का मनोबल और अधिक मजबूत हो सके।
सुशील त्यागी का कहना है कि उत्तराखंड की नदियों, वन क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए खनन माफियाओं के खिलाफ चलाया गया अभियान प्रदेश के लिए एक मिसाल है और ऐसे अधिकारियों को सम्मानित करना पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणादायक कदम साबित होगा।
