धर्म,03,03,2026
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण काल को बेहद संवेदनशील और आध्यात्मिक रूप से नकारात्मक माना जाता है. मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद यदि सही नियमों का पालन न किया जाए, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. आइए जानते हैं कि साल के पहले ग्रहण के खत्म होने के बाद शुद्धिकरण के लिए आपको घर में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए.

Lunar Eclipse Rules: पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र और हिंदू मान्यताओं में ग्रहण काल को अशुभ और संवेदनशील समय माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है और चंद्रमा कमजोर होता है. ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में कुछ विशेष काम करने की परंपरा है. आइए आसान भाषा में जानते हैं कि ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए.
ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें?
घर की साफ-सफाई करें
ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल या साफ पानी का छिड़काव करें. इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होने की मान्यता है.
स्नान जरूर करें
ग्रहण के बाद सभी सदस्यों को स्नान करना चाहिए. यदि संभव हो तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. इससे शरीर और मन दोनों शुद्ध माने जाते हैं.
पूजा-पाठ करें
स्नान के बाद भगवान की पूजा करें, दीपक जलाएं और मंत्र जाप करें.
गायत्री मंत्र का जाप
ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है.
रसोई की शुद्धि करें
ग्रहण के दौरान बना हुआ या खुला रखा भोजन न खाएं. ग्रहण के बाद ताजा भोजन बनाएं. रसोईघर की साफ-सफाई जरूर करें.
दान-पुण्य करें
ग्रहण के बाद जरूरतमंद लोगों को अनाज, कपड़े या धन का दान करना शुभ माना जाता है. इससे ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.
ग्रहण के बाद क्या नहीं करें?
बासी भोजन का सेवन न करें
ग्रहण के समय रखा भोजन अशुद्ध माना जाता है. इसलिए उसे फेंक देना ही बेहतर होता है.
बिना स्नान किए पूजा न करें
ग्रहण के बाद सीधे पूजा करने से पहले स्नान करना जरूरी माना गया है.
घर में कलह या नकारात्मक बातें न करें
ग्रहण के बाद घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखना चाहिए.
तुरंत शुभ काम शुरू न करें
कुछ लोग मानते हैं कि ग्रहण के तुरंत बाद थोड़ी देर रुककर ही कोई नया या शुभ कार्य शुरू करना चाहिए.
पूजा घर को शुद्ध करना
मंदिर के कपड़े या पूजा स्थान की सफाई करना न भूलें.
