चमोली(आरएनएस)। भारतीय सेना के जवान और गुरुद्वारे के सेवादार आस्था पथ से बर्फ हटाने के बाद हेमकुंड साहिब पहुंच गए हैं। अब जवान व सेवादार हेमकुंड साहिब में ही रुकेंगे और मार्ग के शेष हिस्से से बर्फ हटाने का काम करेंगे। इससे पहले उन्हें रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया लौटना पड़ रहा था। हेमकुंड सहिब यात्रा मार्ग से बर्फ हटाकर मार्ग को दुरुस्त करने के लिए भारतीय सेना की 418 माउंटेन ब्रिगेड के जवान और गुरुद्वारा ट्रस्ट के सेवादार 15 अप्रैल को गोविंदघाट से घांघरिया के लिए रवाना हुए थे। 16 अप्रैल से जवानों व सेवादारों ने मार्ग से बर्फ हटाने का काम आरंभ किया। अटलाकोटी ग्लेशियर क्षेत्र से ऊपर भारी बर्फ जमी हुई है। टीम ने लगातार तेजी से काम करते हुए बर्फ हटाकर मार्ग को दुरुस्त किया और अब जवान हेमकुंड साहिब पहुंच चुके हैं। अब आस्था पथ को चौड़ा करने के साथ ही करीब डेढ़ किमी का ट्रैक शेष है जिससे बर्फ हटाई जानी है जवान और सेवादार हेमकुंड साहिब में ही रुककर बर्फ को हटाने का काम करेंगे। हेमकुंड साहिब में इस समय करीब चार फीट तक बर्फ जमी हुई है। गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि रविवार को जवान और सेवादार हेमकुंड साहिब पहुंच गए हैं, वहां गुरुद्वारा खोलने के बाद अरदास पढ़ी गई। पहले जवान व सेवादार सुबह घांघरिया से मार्ग से बर्फ हटाने के लिए जाते ओर रात होने पर वापस लौट आते, अब वे हेमकुंड साहिब में ही रुकेंगे और बर्फ हटाने का शेष कार्य करेंगे। पहले जो आवाजाही में दिक्कत हो रही थी अब वह नहीं रहेगी। यात्रा आरंभ होने से पूर्व मार्ग को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया जाएगा। करीब 4632 मीटर (15200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब के कपाट 23 कई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
आस्था पथ से बर्फ हटाकर हेमकुंड साहिब पहुंचे जवान व सेवादार
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