HamariChoupal,27,02,2026
अनुराग गुप्ता
देहरादून। राजधानी में चर्चित विक्रम हत्याकांड के बाद पुलिस की सख्ती और लगातार चलाए जा रहे क्रैकडाउन अभियान का असर अब रियल एस्टेट सेक्टर में साफ दिखाई देने लगा है। शहर में सक्रिय कई प्रॉपर्टी डीलर, जिनका संबंध पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बताया जा रहा है, अचानक लापता हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कई डीलरों के दफ्तर बंद मिले हैं, जबकि कुछ ने अपने किराए के मकान भी खाली कर दिए हैं। ये वे लोग बताए जा रहे हैं जो देहरादून में किराए के दफ्तर या मकानों से प्रॉपर्टी का कारोबार कर रहे थे और पिछले कुछ समय में यहां बड़े स्तर पर निवेश भी किया था। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि विक्रम हत्याकांड के बाद पुलिस की बढ़ती सख्ती, पुराने मामलों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के चलते बाहरी राज्यों से जुड़े कई कारोबारियों में डर का माहौल है। पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच, अवैध लेनदेन और फर्जी रजिस्ट्रियों पर नजर रखे जाने से ऐसे लोगों ने शहर छोड़ना ही बेहतर समझा।
बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ प्रॉपर्टी डीलर ऐसे हैं, जिन पर विवादित जमीनों और मकानों पर जबरन कब्जा करने के आरोप लगते रहे हैं। वहीं कुछ पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त करने की भी आशंका जताई जा रही है। इन लोगों का नेटवर्क कथित तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इनमें से कई व्यक्तियों पर दूसरे राज्यों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन देहरादून में ये लंबे समय से “सफेदपोश” बनकर सक्रिय थे। किराए के दफ्तर और मकानों से प्रॉपर्टी कारोबार संचालित करते हुए इन्होंने यहां मजबूत नेटवर्क खड़ा कर लिया था। पुलिस अब ऐसे लोगों के बैकग्राउंड, पुराने मामलों और संपत्ति सौदों की पड़ताल में जुटी बताई जा रही है। माना जा रहा है कि सत्यापन अभियान और पुराने मामलों की फाइलें खुलने के डर से ही कई संदिग्ध डीलर अचानक शहर छोड़कर फरार हो गए। लगातार बढ़ती जांच से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में विवादित जमीन और फर्जी रजिस्ट्री से जुड़े मामलों में बड़े खुलासे हो सकते हैं।
हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लगातार चल रहे सत्यापन अभियान और संदिग्ध संपत्ति सौदों की जांच से रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और तेज हो सकती है, जिससे अवैध या संदिग्ध निवेश करने वालों पर शिकंजा और कसने की संभावना है।
