Hamarichoupal,24,05,2026
देहरादून। ओवेरियन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर मणिपाल हॉस्पिटल ने शनिवार को “हर निशान हिम्मत और संघर्ष की कहानी कहता है” शीर्षक से विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम में कैंसर से उबर चुकी महिलाएं, परिजन, डॉक्टर और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सत्र में डॉ. इरीना डे, डॉ. पारोमिता रॉय, डॉ. तन्मय कुमार मंडल और डॉ. साग्निक रे ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। डॉ. इरीना डे ने कहा कि पेट फूलना, असहजता, भूख में बदलाव या अत्यधिक थकान जैसे सामान्य लक्षणों को महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। इन संकेतों पर ध्यान देना और नियमित जांच कराना शुरुआती पहचान के लिए जरूरी है।
डॉ. तन्मय कुमार मंडल ने बताया कि कम उम्र की महिलाओं में भी ओवेरियन कैंसर बढ़ रहा है। कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और पर्सनलाइज्ड इलाज से नतीजे बेहतर हुए हैं। परिवार का सहयोग और सही काउंसलिंग भी मरीजों को मजबूती देती है।
स्टेज फोर ओवेरियन कैंसर से उबरी 62 वर्षीय रीना घोष ने कहा, “सात घंटे की सर्जरी मेरी सबसे बड़ी लड़ाई थी। परिवार के समर्थन और जीने की इच्छा ने मुझे ताकत दी। अब मैं हर दिन को पूरे दिल से जीती हूं।”
डॉ. पारोमिता रॉय ने कहा कि उम्र के साथ खतरा बढ़ता है, इसलिए असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें। नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली जरूरी है। डॉ. साग्निक रे ने कहा कि समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है। जागरूकता कार्यक्रम इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाते हैं।
