देहरादून, 3 नवंबर। उत्तराखंड में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने आधुनिक बागवानी तकनीकों पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जनपद देहरादून के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के 28 किसानों का दल पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश रवाना हुआ। हाथीबड़कला स्थित कैंप कार्यालय में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
किसानों को डॉ. वाईएस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नौणी, सोलन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान किसान सेब की अति सघन बागवानी, पौधों की कटाई-छंटाई, रोपण, उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद, बडिंग एवं ग्राफ्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही फलों की पैकेजिंग, सॉर्टिंग, ग्रेडिंग और विपणन की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती तथा उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित कर रही है। सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत 808.79 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से प्रदेश में 5,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब के बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सेब की तुड़ाई के बाद फलों के बेहतर रखरखाव और विपणन के लिए 144.55 करोड़ रुपये की लागत से सीए स्टोरेज और सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इसमें 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। वहीं, 80 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सेब नर्सरी विकसित करने की योजना के तहत 400 एकड़ क्षेत्र में नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान आधुनिक तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के साथ दूसरे किसानों को भी जागरूक करेंगे। सरकार भविष्य में कीवी उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में भी किसानों को प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके लिए जिला योजना और राज्य सेक्टर की योजनाओं के माध्यम से किसानों का चयन कर उन्हें प्रदेश के भीतर और बाहर प्रशिक्षण के अवसर दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक बागवानी पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस दौरान सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, संध्या थापा, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. डीके तिवारी सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
सेब की अति सघन बागवानी सीखेंगे दून के 28 किसान, पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए हिमाचल रवाना
₹808.79 करोड़ की योजना से प्रदेश में 5,000 हेक्टेयर में विकसित होंगे सेब के बागान, किसानों को मिल रहा 60 प्रतिशत तक अनुदान
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