Hamarichoupal,23,06,2026
देहरादून, 23 जून। महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा की घटनाओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रशासन ने सखी वन स्टॉप सेंटर को और अधिक प्रभावी एवं सक्रिय बनाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने हिंसा से पीड़ित महिलाओं को त्वरित एवं समुचित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
समाधान दिवस के दौरान महिलाओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि सर्वे चौक स्थित कामकाजी महिला छात्रावास परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं पुनर्वास से जुड़ी सभी सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, शोषण अथवा किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को बिना विलंब आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श, रेस्क्यू सेवा, विधिक सहायता तथा अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सहायता तंत्र के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का लाभ उठाएं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
