HamariChoupal,17,04,2026
हरिद्वार। कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में मिले एक अज्ञात शव के सनसनीखेज हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के प्रभावी नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की तह तक पहुंचते हुए यह खुलासा किया कि शराब और गांजे के नशे में धुत दोनों आरोपियों ने पैसों के लालच में एक अज्ञात व्यक्ति की पत्थर मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि, मृतक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है और उसकी पहचान के प्रयास लगातार जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को वन विभाग के एक कर्मचारी ने सूचना दी थी कि राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में एक शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में कोतवाली हरिद्वार पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर करीब 45 वर्षीय एक व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला। पुलिस उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बारे में कोई जानकारी न मिलने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराते हुए स्वयं वादी बनकर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। साथ ही फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कराए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद घटना की सूक्ष्म जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के स्पष्ट निर्देश दिए। इसके बाद एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास मौजूद गंगा घाटों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और पार्किंग स्थलों पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने मृतक की पहचान और हत्यारों की तलाश के लिए इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सर्विलांस का भी सहारा लिया। प्रारंभिक साक्ष्यों और परिस्थितियों के विश्लेषण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी संभवतः मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते और नशे के आदी हैं।
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संदिग्ध हुलिए वाले युवकों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। इसी क्रम में 17 अप्रैल 2026 को गश्त के दौरान पुलिस टीम हिल बाईपास स्थित सूखी नदी पर बने फ्लाईओवर के पास पहुंची, जहां सड़क के मोड़ के किनारे पैराफिट पर दो संदिग्ध युवक बैठे दिखाई दिए। दोनों का हुलिया पहले से जुटाए गए संकेतों से मेल खा रहा था। पुलिस ने जब उन्हें आवाज दी तो दोनों सकपका गए और पैराफिट से उठकर हिल बाईपास रोड की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को घेरकर पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले उनकी पहचान हुई थी और इसके बाद दोनों गांजा और शराब पीने वाले खास दोस्त बन गए थे। 13 अप्रैल की रात दोनों ने अत्यधिक शराब पी रखी थी। नशे की हालत में उल्टी करने के बाद वे बिना खाना खाए हरकी पैड़ी के सामने वाले घाट पर ही सो गए। अगले दिन सुबह खाली पेट उठने पर दोनों काम की तलाश में घूमते हुए मोतीचूर तिराहे की ओर पहुंचे, जहां उन्होंने गांजा पिया। बाद में उन्होंने तिराहे के पास बीड़ी पी रहे एक बाबा जैसे दिखने वाले व्यक्ति, जो बाद में मृतक निकला, से बीड़ी मांगी।
आरोपियों के अनुसार, जब उस व्यक्ति ने जेब से बीड़ी का बंडल निकाला तो उसकी जेब में काफी पैसे दिखाई दिए। यह देखकर दोनों ने उससे पैसों की भी मांग कर दी। मृतक ने पैसे देने से इनकार कर दिया और दोनों को डांटते हुए वहां से जाने को कहा। इसी बात से दोनों आरोपी गुस्से में आ गए और पैसों के लालच ने उनके इरादे और हिंसक कर दिए। जब मृतक मोतीचूर स्टेशन की ओर जाने लगा तो दोनों उसे पीछा करते हुए सूखी नदी के भीतर सुनसान जंगल वाले इलाके में ले गए। वहां मौका पाकर उसे जोर से धक्का दे दिया, जिससे वह पत्थरों पर गिर पड़ा और संभल नहीं सका। इसके बाद दोनों ने पत्थर से उसके सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी और जेब से पैसे निकालकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि मामले का खुलासा होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। अज्ञात मृतक की हत्या को गंभीरता से लेते हुए स्वयं वादी बनकर बेहद कम समय में घटना का सफल अनावरण करने पर क्षेत्रीय जनता ने हरिद्वार पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है। वहीं, पुलिस मृतक की शिनाख्त के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उसे न्याय दिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह मुकम्मल हो सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार उर्फ चिकना पुत्र रामगणेश, निवासी ग्राम बनाममई, थाना वेदपुरा, जिला इटावा (उत्तर प्रदेश), उम्र 25 वर्ष तथा रोहित कुमार पुत्र अलकदेव, निवासी गांव सरण, थाना पड़ाक, जिला पटना (बिहार), उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई है। इस मामले में मु0अ0सं0 179/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस पूरे खुलासे में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गोपाल दत्त भट्ट, उपनिरीक्षक नवीन नेगी, उपनिरीक्षक संजीत कण्डारी, उपनिरीक्षक विक्रम बिष्ट, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल सतीश नोटियाल, हेड कांस्टेबल सतेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल संजीव राणा, कांस्टेबल सुनील चौहान, कांस्टेबल रमेश चौहान तथा कांस्टेबल वसीम (सीआईयू) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
