टनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से है। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास की गति के साथ प्रदेश की विरासत और आध्यात्मिक पहचान का भी संरक्षण एवं संवर्धन हो। आधुनिक सुविधाओं के साथ धार्मिक स्थलों को विकसित कर उत्तराखण्ड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दी जा रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर धार्मिक आयोजन का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आदर्श चम्पावत’ का संकल्प केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि चम्पावत की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को आधुनिक विकास से जोड़कर एक प्रभावी विकास मॉडल तैयार करना इसका उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि टनकपुर में करीब 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार तथा विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर करीब 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि पूर्णागिरि धाम सहित चम्पावत के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ चम्पावत में सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर के खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में आमजन से सीधा संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। चम्पावत की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन क्षमता को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसमें विकास की गति के साथ विरासत की गरिमा भी कायम रहे।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, महिला युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, सुनील पुनेठा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
विकास के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण जरूरी: सीएम धामी
टनकपुर दशहरा महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री, श्रीमद्भागवत कथा का किया श्रवण
2
