अनुराग गुप्ता
देहरादून, 30 जुलाई। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत नोटिस जारी किए गए मतदाताओं की सुनवाई अब बूथ स्तर पर शुरू कर दी गई है, ताकि मतदाताओं को अपने नजदीकी केंद्र पर ही सुविधा मिल सके।
गुरुवार को मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि पहले चरण के पूरा होने के बाद प्रदेश में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम एवं अन्य विवरण अवश्य जांच लें। सूची सीईओ कार्यालय की वेबसाइट, जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) तथा बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं की जानकारी में विसंगति पाई गई है या जिन्होंने आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से नहीं भरे हैं, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद जवाब प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ एवं ईआरओ की निगरानी में बूथ स्तर पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। मैदानी क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ या उसके निकट विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2026 तक फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि 11 सितंबर 2026 तक नोटिसों की सुनवाई और दावों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट मतदाता दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं। इसके बाद भी असंतोष होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अपील का प्रावधान है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे फार्म-6 भरकर ऑफलाइन बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन ECINet ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं फार्म-7 से नाम हटाने तथा फार्म-8 से नाम में संशोधन कराया जा सकता है। वर्तमान में फार्म-6 और फार्म-8 के साथ एनेक्सर-4 संलग्न करना अनिवार्य किया गया है।
