देहरादून, 29 जुलाई।
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में परीक्षा प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी परीक्षा में अनियमितता पाए जाने पर कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को जिम्मेदार मानते हुए नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा स्थित सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने सभी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता, गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ कराने के लिए विश्वविद्यालयों को मजबूत परीक्षा तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी तकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक कैलेंडर और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) कैलेंडर लागू करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डॉ. रावत ने राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में 480 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति का प्रस्ताव एक माह तक लंबित रहने पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को शीघ्र भरने को कहा।
मंत्री ने विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि निर्माण कार्यों में विलंब का सबसे अधिक नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है।
समीक्षा बैठक में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के निदेशक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
परीक्षा में गड़बड़ी हुई तो कुलपति से परीक्षा नियंत्रक तक होगी कार्रवाई: रावत
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश, परीक्षा प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन पर; निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के आदेश
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