हमारी चौपाल
देहरादून, 1 जुलाई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार रात 8 बजे कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी, अव्यवस्था और गंभीर लापरवाही सामने आने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की संयुक्त समिति गठित कर तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
निरीक्षण की शुरुआत आईसीयू से हुई, जहां मरीजों के लिए लगा एयर कंडीशनर बंद मिला। उमस और घुटन के बीच मरीज भर्ती थे, जबकि कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद एसी चालू नहीं कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने पीआरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। आईसीयू के स्टॉक रजिस्टर में 29 जून के बाद दवाओं का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं मिला तथा उपस्थिति रजिस्टर में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
पुरुष, महिला, बाल रोग एवं सर्जरी वार्डों के निरीक्षण में भी कई कमियां सामने आईं। पुरुष वार्ड में लीवर रोग से पीड़ित एक मरीज को बिना पर्याप्त कारण रेफर किए जाने की तैयारी पर डीएम ने आपत्ति जताई। वहीं मरीजों को फटे हुए कंबल उपलब्ध कराए जाने पर अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाते हुए सभी जर्जर कंबलों को तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिए।
अस्पताल की लिफ्ट में गंदगी और पान की पीक मिलने के साथ ही सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे का अभाव भी सामने आया। महिला शौचालय में पुरुष यूरिनल लगाए जाने पर जिलाधिकारी ने व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सर्जरी वार्ड में एक लावारिस मरीज की गंभीर स्थिति ने डीएम का ध्यान खींचा। मरीज का शुगर स्तर अत्यंत कम था और उसकी देखभाल नहीं हो रही थी। वार्ड में गंदगी और बासी भोजन की प्लेटें पड़ी थीं। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद मरीज को तत्काल आपात चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। बताया गया कि प्रशासनिक टीम के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वार्ड की जल्दबाजी में सफाई कराई जा रही थी।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने सीएमओ और सीएमएस को अस्पताल की सभी व्यवस्थागत कमियों को तत्काल दूर करने तथा मरीजों को बेहतर, स्वच्छ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा सहित अस्पताल के अन्य चिकित्साधिकारी भी मौजूद रहे।
