देहरादून, 29 जून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से जुड़ी 171 शिकायतें सामने आईं। अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में सबसे गंभीर मामला ऋषिकेश क्षेत्र के करीब 15 युवाओं द्वारा विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये और पासपोर्ट की ठगी का सामने आया। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता कर आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
नेहरू ग्राम निवासी संगीता देवी ने बताया कि उनके दिव्यांग पति को पिछले चार वर्षों से प्रमाण पत्र न बनने के कारण दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल मेडिकल जांच कराने तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
अर्चना देवी ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बैंक ऋण के पुनर्गठन की मांग की और बैंक द्वारा मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में रायवाला एवं नया गांव में अवैध निर्माण और अतिक्रमण, नथुवाला में पेड़ों के बीच से गुजर रही विद्युत लाइन, चकराता क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर और सुरक्षा दीवार, बनसार में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त गूल तथा सुंदरवाला में जल निकासी की समस्याओं पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से युवाओं से ठगी, महिलाओं एवं बुजुर्गों के उत्पीड़न तथा अवैध अतिक्रमण के मामलों में प्रशासन की शून्य सहनशीलता की नीति रहेगी।
जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, विभिन्न उपजिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
