Hamarichoupal,22,06,2026
ऋषिकेश। राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास एवं राजकीय कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय हिंदी कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया।
समापन अवसर पर संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि हिंदी देश की सबसे सरल और व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है। उन्होंने प्रशासनिक एवं दैनिक कार्यों में हिंदी को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रतिभागियों से इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
उप-निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा ने हिंदी को देश की प्रमुख एवं प्राचीन भाषा बताते हुए राजभाषा नियमों और अधिनियमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में हिंदी का प्रयोग बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मुकेश पाल ने बताया कि संस्थान के सभी विभागों में हिंदी को अपनाने और प्रशासनिक कार्यों को हिंदी में संपादित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण पहल कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें प्रतिभागियों ने रुचि दिखाई। इस अवसर पर उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि कुमार, वरिष्ठ लाइब्रेरियन एवं सूचना अधिकारी डॉ. संदीप कुमार सिंह, मुख्य नर्सिंग अधिकारी अनिता रानी कंसल, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी शशि यादव, नीरज कुमार वर्मा, स्वाति कैंतुरा, राजशेखर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: एम्स ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय हिंदी कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करतीं कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह
