Home » उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी की भूमिका निभा रही सरकार : धामी उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित, 1.27 लाख युवाओं को मिला रोजगार हरिद्वार, 08 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार उद्योगों के लिए नियामक नहीं, बल्कि सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही है। राज्य में उद्योगों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि निवेशकों और उद्यमियों को अनुकूल वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित 7वें सीआईआई उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक नगरी के साथ-साथ उत्तराखंड के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ नई तकनीक, नवाचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के परिणाम अब सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था लागू की गई है। वहीं सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का युवा केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने, इसके लिए स्टार्टअप और नवाचार को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में करीब 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पहाड़ों में भी औद्योगिक विकास पर जोर धामी ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जबकि भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। निवेश के लिए उत्तराखंड में बेहतर माहौल मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखंड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है, जबकि एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में राज्य ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया है। उन्होंने उद्योग जगत और निवेशकों का आह्वान किया कि वे उत्तराखंड की संभावनाओं का लाभ उठाते हुए निवेश और रोजगार सृजन में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर निवेश अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से भी मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, अध्यक्ष शिवालिकनगर नगर पालिका राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, सीआईआई उत्तराखंड अध्यक्ष संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सौरव दास, इंडस्ट्री सेक्रेटरी विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रबंध निदेशक सिडकुल सौरव गहवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।