Hamarichoupal,18,06,2026
देहरादून, 18 जून। आगामी मानसून को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन एवं मानसून पूर्व तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी लंबित कार्य प्राथमिकता के आधार पर समय से पूर्ण करने और संवेदनशील क्षेत्रों में अग्रिम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जलभराव, भूस्खलन, बाढ़ सुरक्षा, नदी सफाई और सौंग नदी परियोजना सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। आईएसबीटी क्षेत्र में जलनिकासी समस्या के समाधान के लिए एमडीडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख सचिव ने बताया कि जनपद में जलभराव से निपटने के लिए 39 डी-वॉटरिंग पंप तैयार रखे गए हैं। 169 नालों में से 153 की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष पर कार्य जारी है। इसके अलावा 12 लैंडस्लाइड जोन और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
बैठक में जानकारी दी गई कि मानसून के दौरान जोखिम वाले 89 स्कूलों और संपर्कविहीन 73 गांवों को चिन्हित किया गया है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने की व्यवस्था की गई है।
डॉ. सुंदरम ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने, नियमित फॉगिंग और जनजागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और अधिकारियों के साथ कार्लीगाड़ एवं मझाड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास, नदी चैनलाइजेशन और सुरक्षा कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
