रुड़की(आरएनएस)। पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह है। महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर शाम को विधि-विधान से पूजा करेंगी। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगी। पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री के अनुसार, इस वर्ष करवा चौथ का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे से शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रहेगी। हरिद्वार क्षेत्र के पंचांग के अनुसार, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:33 बजे से 6:51 बजे तक रहेगा।
इस दौरान महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा-अर्चना कर व्रत कथा सुनेंगी।पंडित विपिन शर्मा ने बताया कि करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। हरिद्वार क्षेत्र में चंद्रोदय रात करीब 8:09 बजे होने का अनुमान है। हालांकि, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के कारण चंद्र दर्शन के समय में अंतर हो सकता है। उन्होंने बताया कि महिलाएं इस दिन सोलह शृंगार कर पति की दीर्घायु, दांपत्य जीवन में प्रेम और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार, छलनी से चंद्रमा और पति का चेहरा देखने के बाद व्रत खोला जाता है। करवा चौथ को पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
29 अक्टूबर को मनेगा करवा चौथ, शाम 5:33 से 6:51 बजे तक पूजा का मुहूर्त
4
