देहरादून। केंद्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से संचालित ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ (MRMA 2.0) अभियान के तहत चावकी रियरिंग सेंटर (CRC), सिंघीवाला, भुड्डी में फील्ड डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के करीब 45 किसानों एवं रेशम कीटपालकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक रेशम कीटपालन पद्धतियों, पालन गृह की स्वच्छता, विशुद्धीकरण, रोग प्रबंधन और उन्नत रियरिंग तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि पालन गृह एवं उपकरणों की नियमित स्वच्छता और प्रभावी विशुद्धीकरण से रेशम कीटों में होने वाले रोगों की रोकथाम की जा सकती है तथा उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार संभव है।
इस अवसर पर ‘रेशम कीटपालन में विशुद्धीकरण एवं रोग प्रबंधन’ विषय पर तैयार तकनीकी पैम्फलेट का विमोचन कर किसानों को वितरित किया गया। पैम्फलेट के माध्यम से पालन गृह, उपकरणों और आसपास के क्षेत्र के प्रभावी विशुद्धीकरण तथा रोग नियंत्रण से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में डॉ. सहदेव चौहान, वैज्ञानिक-डी, केंद्रीय रेशम बोर्ड, अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक-सी एवं नोडल अधिकारी MRMA 2.0, अविनाश कुमार, कंसल्टेंट REAP, प्रदीप गुसाईं, सहायक प्रबंधक REAP, राजीव चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और अनुभव भी सुने गए। वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए रेशम उत्पादन को अधिक वैज्ञानिक, स्वच्छ, रोग-मुक्त और टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ देहरादून में रेशम उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार करना है। किसानों की सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सिंघीवाला में किसानों को वैज्ञानिक रेशम कीटपालन का प्रशिक्षण ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ के तहत फील्ड डे कार्यक्रम, 45 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
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