HamariChoupal,17,07,2026
नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) श्रीमती मधु भट्ट ने उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में हरेला हरियाली महोत्सव का आयोजन किया। इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मधु भट्ट की माताजी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प दिलाया गया।
मधु भट्ट ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहल तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों की सहभागिता के साथ पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी क्रम में नव भारतीय पब्लिक स्कूल, दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ रुद्राक्ष, बेलपत्र, आंवला सहित अनेक फलदार एवं धार्मिक महत्व वाले पौधे लगाए गए। इस दौरान बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, पौधों के महत्व तथा उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और हरेला पर्व की परंपरा से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मधु भट्ट ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे आत्मीय संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण के साथ-साथ हमारी संस्कृति, आस्था और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने हरेला के संदेश को उत्तराखंड की सीमाओं से बाहर निकालकर पूरे देश में जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक नागरिक पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। इसी उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में हरेला महोत्सव को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित किया गया।
दिल्ली में आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर चलने से समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
