हमारी चौपाल
देहरादून, 09 जुलाई। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित सभागार में आयोजित समग्र शिक्षा परियोजना की समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न वित्तीय वर्षों के अधूरे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर लंबित सभी निर्माण कार्यों के साथ-साथ नए स्वीकृत कार्य भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर कुल 7803 निर्माण कार्य स्वीकृत हुए, जिनमें से 5735 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 1068 निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं। मंत्री ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण कार्यों में देरी करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने को भी कहा।
डॉ. रावत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 12 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य दो सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा 266 डिजिटल लाइब्रेरी, समग्र शिक्षा एवं पीएम-श्री विद्यालयों में स्वीकृत 1203 आईसीटी क्लासेज तथा 2320 स्मार्ट क्लासेज की स्थापना के कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्याल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमल्टी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला, उप राज्य परियोजना निदेशक पल्लवी नैन, अजीत भण्डारी, प्रद्युमन सिंह रावत सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
