देहरादून, 30 जून। मानसून के आगमन के साथ संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने 2 जुलाई को राज्यव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंगलवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित कर अंतिम तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी 13 जनपदों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग तथा अन्य रेखीय विभागों की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली, संसाधनों और समन्वय व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आयोजित होने वाली यह अब तक की सबसे व्यापक राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल होगी। राज्य के 13 जिलों में कुल 66 स्थानों पर इसका आयोजन किया जाएगा, जिनमें लगभग 95 प्रतिशत स्थान पहली बार मॉक ड्रिल के लिए चुने गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इस अभ्यास का निरीक्षण करेंगे।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल औपचारिक अभ्यास नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी विभागों की तत्परता, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि समय रहते तैयारियों की समीक्षा और कमियों को दूर करने से आपदा के दौरान जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
टेबल टॉप एक्सरसाइज में अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी संभावित परिस्थितियों पर राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। जेसीबी, बोट, राफ्ट, गोताखोर, जल पुलिस सहित विभिन्न संसाधनों के उपयोग तथा राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी ने सभी जिलों को मॉक ड्रिल के संचालन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
30 जून को उत्तराखंड पहुंचा मानसून
बैठक के दौरान मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रोहित थपलियाल ने बताया कि 30 जून को मानसून ने उत्तराखंड में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। जून माह में प्रदेश में 83 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 132 मिमी है।
आधुनिक राहत उपकरणों का हुआ प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग ने अत्याधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें सीबीआरएनई आपदाओं में उपयोग होने वाले उपकरण, डीप डाइविंग सेट, नाइट विजन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा, हाइड्रोलिक कटर, अंडरवाटर कम्युनिकेशन सिस्टम, अंडरवाटर ड्रोन और सोनार सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरण आकर्षण का केंद्र रहे। इन उपकरणों का अवलोकन मुख्यमंत्री भी 2 जुलाई की मॉक ड्रिल के दौरान करेंगे।
एसडीआरएफ ने हासिल किया 100 प्रतिशत ऐप डाउनलोड लक्ष्य
यूएसडीएमए के ‘सचेत’ और ‘भूदेव’ मोबाइल ऐप डाउनलोड अभियान के तहत एसडीआरएफ के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों ऐप डाउनलोड कर लिए हैं। एसडीआरएफ ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। सचिव विनोद कुमार सुमन ने इसे आपदा प्रबंधन में तकनीक आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
राज्यभर में 2 जुलाई को होगी सबसे बड़ी आपदा मॉक ड्रिल, 13 जिलों के 66 स्थानों पर होगा अभ्यास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे निरीक्षण, यूएसडीएमए में टेबल टॉप एक्सरसाइज के जरिए परखी गई तैयारियां
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