बच्चों को टूथब्रश करने का तरीका सिखाते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार माता-पिता जल्दी-जल्दी में बच्चों का ब्रश करा देते हैं या उन्हें खुद ब्रश करने देते हैं, जिससे वे सही तरीके से सफाई नहीं कर पाते। बच्चों को धीरे-धीरे और सही तरीके से ब्रश कराना चाहिए ताकि वे हर हिस्से तक पहुंच सकें और उनके सभी दांत साफ रहें। इसके अलावा बच्चों को ब्रश करते समय गुनगुनाने या कहानी सुनाने से भी मजा आता है।
फ्लोराइड का अधिक उपयोग
फ्लोराइड दांतों की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसका अधिक उपयोग बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। अधिक फ्लोराइड से बच्चों को फ्लोराइड से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे दांतों में पीलापन आ सकता है या वे कमजोर हो सकते हैं। इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह अनुसार ही फ्लोराइड का उपयोग करें और बच्चों को थोड़ी मात्रा में ही फ्लोराइड युक्त पेस्ट दें। इसके अलावा बच्चों को पानी से कुल्ला करने की आदत भी सिखाएं।
बिना निगले पानी से कुल्ला करना
बच्चों को ब्रश करने के बाद पानी से कुल्ला करना सिखाना बहुत जरूरी है ताकि उनका मुंह साफ रहे और बैक्टीरिया दूर रहें। हालांकि, कई बार माता-पिता यह गलती कर देते हैं कि वे बच्चों को पानी निगलवा देते हैं, जिससे उनके पेट पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए हमेशा बच्चों को पानी निगलवाने से पहले उनका मुंह अच्छी तरह साफ कर लें और फिर उन्हें पानी पीने दें।
खुद ब्रश करने देना
बच्चों को खुद ब्रश करने देना अच्छा होता है, लेकिन अगर वे छोटे हों तो उन्हें खुद से ब्रश करने देना गलत हो सकता है। छोटे बच्चे सही तरीके से ब्रश नहीं कर पाते, जिससे उनके दांतों पर गंदगी रह जाती है। बेहतर होगा कि आप पहले खुद ब्रश करें और फिर उन्हें सिखाएं कि कैसे हर हिस्से तक पहुंचा जा सकता है। इसके बाद उन्हें खुद ब्रश करने दें ताकि वे सही तरीके से सफाई कर सकें।
टूथब्रश करने का तरीका
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