देहरादून । राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड ने आज विधानसभा से मुख्यमंत्री आवास तक विशाल बाइक महारैली निकाली। प्रदेश भर से हजारों अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी इस रैली में शामिल हुए।
तनाव तब बढ़ गया जब मुख्यमंत्री आवास पहुंचे आक्रोशित कर्मचारियों ने तीन बैरिकेट तोड़ डाले। इस दौरान पुलिस व कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि आंदोलन अब ‘आर-पार’ की लड़ाई में बदल चुका है।
रैली को संबोधित करते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी. सिंह रावत ने कहा, “आज का जनसैलाब सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई तो सरकार को राजनीतिक परिणाम भुगतना होगा। कर्मचारी सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे और चुनाव में करारा जवाब देंगे।”
प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने भेदभाव पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक दिन के विधायक और सांसद पुरानी पेंशन का लाभ पा रहे हैं, जबकि 30-40 वर्ष सेवा देने वाले कर्मचारियों के साथ यह भेदभाव क्यों?” उन्होंने पेंशन को संवैधानिक अधिकार बताते हुए तुरंत बहाली की मांग की।
प्रदेश मुख्य संयोजक जयदीप रावत ने बताया कि संगठन दो बार सरकार से वार्ता कर चुका है। महिला प्रदेश अध्यक्ष रानीता विश्वकर्मा ने कहा कि अब मातृशक्ति भी पूरी तरह सक्रिय होकर आंदोलन को और तेज करेगी।

सुरेंद्र बछेती ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए 2027 के चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। उत्तर प्रदेश से आए डॉ. आलोक यादव ने कहा कि यह मुहिम पूरे देश में जनआंदोलन का रूप लेगी।
मुकेश बहुगुणा, जगवीर खरोला, कुंवर सिंह राणा, लक्ष्मण सजवान ने भी सरकार को कड़ी चेतावनी दी। खरोला ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की जमा पूंजी शेयर बाजार में जोखिम में डाली जा रही है।
गढ़वाल मंडल से बड़ी घोषणा करते हुए मंडलीय अध्यक्ष शंकर भट्ट एवं सचिव राजीव उनियाल ने बताया कि 1 मई (मजदूर दिवस) को गढ़वाल कमिश्नरी घेराव किया जाएगा। सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों से ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
रैली में सहारनपुर से विकास धारिया समेत बाहरी जनपदों के कर्मचारी भी शामिल हुए जिनमें रोहित जोशी, अभिषेक नवानी, धर्मेंद्र रावत, आशुतोष सेमवाल, धर्मेंद्र उनियाल, कीर्ति भट्ट, सुशील रावत, अवधेश सेमवाल, जितेंद्र प्रसाद, दयाशंकर, नरेंद्र पटवाल, गिरीश पनेरू, बलवंत असवाल, गुरुदेव रावत, विनोद मल्ल, हेमंत पैन्यूली, श्याम सिंह, अनिल राणा, मनोज काला, भवान राणा, अंकित रौथान, प्रवीण घिल्डियाल, सुबोध नेगी, विवेक सैनी, निर्मला राणा, मंजू नेगी, राकेश रावत, कुलदीप कंडारी, चंद्रिका, नीलम नेगी, अनीता बिष्ट, निमिषा शर्मा, पूजा सैनी, प्रभा खड़कवाल, महजबीन अंसारी, संजू भारती, वंदना भट्ट, माखन लाल शाह, प्रेम सिंह रावत, पूनम रावत, अरुण उनियाल, नरेश भट्ट (प्रदेश उपाध्यक्ष) सहित सैकड़ों कर्मचारी थे ।
