तेहरान ,29 मार्च,। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। शनिवार के अंक के पहले पृष्ठ पर अखबार ने बड़े अक्षरों में वेलकम टू हेल लिखते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरानी क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे जीवित वापस नहीं लौटेंगे।
इसी बीच, अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए करीब 3,500 मरीन सैनिकों को सेंट्रल कमांड (ष्टश्वहृञ्जष्टह्ररू) क्षेत्र में तैनात किया है। ये सैनिक जापान से स्स् ट्रिपोली जहाज के जरिए पश्चिम एशिया के लिए रवाना हुए हैं, जो अमेरिकी नौसेना के प्रमुख अम्फीबियस असॉल्ट जहाजों में से एक है। इस तैनाती को क्षेत्र में बढ़ती सैन्य तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम ईरान के रणनीतिक रूप से अहम खार्ग द्वीप को लेकर संभावित सैन्य ऑपरेशन की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। इसी महीने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत भी इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की चर्चा रही है।
ष्टश्वहृञ्जष्टह्ररू के मुताबिक, 28 फरवरी के बाद से अमेरिकी बलों ने ईरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है। इनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (ढ्ढक्रत्रष्ट) के ठिकाने, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल साइट्स, नौसैनिक संसाधन और हथियार निर्माण केंद्र शामिल हैं।
अमेरिकी बल अब तक 11,000 से अधिक लड़ाकू उड़ानें भर चुके हैं और 150 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाने या नष्ट करने का दावा किया गया है।
तेहरान टाइम्स की चेतावनी को वॉशिंगटन के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकती हैं, जिसका असर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।
तेहरान :नर्क में आपका स्वागत हैÓ… अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर ईरानी मीडिया की चेतावनी
3
