इस्लामाबाद ,27 मार्च,। ईरान में जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने इजरायल को अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने स्पष्ट कहा है कि यदि उसके किसी नागरिक या राजनयिक को नुकसान पहुंचता है, तो उसका सख्त जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान ने साफ-साफ चेताते हुए कहा कि वह कतर नहीं है जो चुपचाप बैठ जाएगा।
यह बयान तेहरान में पाकिस्तान दूतावास के पास हुए हालिया हवाई हमलों के बाद सामने आया है। इन हमलों को इजरायल और अमेरिका से जोड़ा जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी दूतावास और वहां मौजूद राजनयिक सुरक्षित हैं, हालांकि आसपास के इलाकों में धमाकों का असर देखा गया।
पाकिस्तान के एक रणनीतिक मंच की ओर से जारी बयान में कहा गया कि देश अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी खतरे की स्थिति में जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। इस बीच पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तेहरान, काशान और अबादान जैसे शहरों में हवाई हमलों की खबरें हैं। संघर्ष के चलते क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ईरान ने इसे कुछ देशों के लिए खुला रखा है, जबकि अमेरिका ने इस मुद्दे पर दबाव बढ़ाया है। उधर, पाकिस्तान ने खुद को एक संभावित मध्यस्थ के रूप में भी पेश किया है। इस्लामाबाद ने संकेत दिया है कि यदि दोनों पक्ष तैयार हों, तो वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने को तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में कहा है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए नई समय-सीमा दी गई है। उन्होंने संकेत दिया कि इस अवधि के दौरान कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन समयसीमा पूरी होने के बाद कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, क्षेत्र में तनाव बरकरार है और हालात तेजी से बदल रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों पर असर पड़ रहा है।
