देहरादून, 17 अक्टूबर। उत्तराखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं को नवंबर माह में अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जाएगा। इसके लिए विद्यालयी शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों, अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों, खेल प्रशिक्षण केंद्रों, प्रौद्योगिकी संस्थानों और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, विद्यार्थियों को मिलने वाली निःशुल्क स्कूल ड्रेस, बैग, जूते और साइकिल की धनराशि भी एक माह के भीतर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को शिक्षा निदेशालय स्थित विद्या समीक्षा केंद्र के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण की रूपरेखा तैयार करने और निदेशालय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने को कहा, ताकि सभी जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
डॉ. रावत ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और नई तकनीकों से परिचित कराना है। भ्रमण के दौरान छात्रों को वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों, अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों, खेल प्रशिक्षण संस्थानों, प्रौद्योगिकी संस्थानों, सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों के साथ संगीत और कला अकादमियों का भी दौरा कराया जाएगा।
आईआईटी रुड़की और एफआरआई सहित प्रमुख संस्थानों का होगा भ्रमण
राज्य के भीतर भी विद्यार्थियों को प्रमुख शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके तहत आईआईटी रुड़की, एनआईटी, आईआईएम काशीपुर, वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) देहरादून, भारतीय प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण अकादमी मसूरी और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान जैसे स्थलों को शामिल किया गया है।
निःशुल्क सुविधाओं की धनराशि में वृद्धि का प्रस्ताव
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, बैग, जूते और साइकिल के लिए मिलने वाली धनराशि निर्धारित समय के भीतर उनके खातों में पहुंचाई जाए। इसके साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क टैबलेट सहित विभिन्न शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और ड्रेस, बैग, जूते व साइकिल के लिए दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि के प्रस्ताव आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत किए जाएं।
उन्होंने प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) और समग्र शिक्षा योजना के तहत तैयार आईसीटी एवं स्मार्ट कक्षाओं, खेल परिसरों और छात्रावासों सहित अन्य परियोजनाओं का शीघ्र लोकार्पण करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के नए ढांचे के गठन से संबंधित प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखने को कहा।
शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में डॉ. रावत ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरने, अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन एवं प्रांतीयकरण और सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा, ताकि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंच सके।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्याल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमल्टी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद राम जायसवाल, वित्त नियंत्रक वीरेंद्र कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
उत्तराखंड के मेधावी छात्र जाएंगे अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण पर, नवंबर में बनेगा कार्यक्रम
स्कूल ड्रेस, बैग, जूते और साइकिल की धनराशि एक माह के भीतर खातों में भेजने के निर्देश
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