देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित, सुगम और सकुशल संपन्न कराने के लिए गढ़वाल परिक्षेत्र पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरुप ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी जनपद प्रभारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं, पुलिस तैयारियों, यात्री सुरक्षा, समन्वय तंत्र और अफवाहों पर नियंत्रण जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आईजी गढ़वाल ने बैठक में साफ निर्देश दिए कि चारों धामों के कपाट खुलने से पहले यात्रा से संबंधित सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा प्रबंधन और जनसुविधाओं की बड़ी परीक्षा भी होती है। ऐसे में सभी जिलों को समय रहते अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करना होगा।
बैठक में विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि सभी जनपद अपने-अपने क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया समय से चिह्नित कर लें। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं अंतिम रूप दी जाएं, ताकि यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सके और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो। पुलिस अधिकारियों को यह भी कहा गया कि होल्डिंग एरिया केवल औपचारिकता न रहें, बल्कि वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और संचालन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
आईजी ने चारधाम क्षेत्रों में स्थानीय और बाहरी जनपदों से आने वाले अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिरिक्त पुलिस बल के रहने, भोजन, आवागमन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को किसी तरह की दिक्कत न हो और वे पूरी क्षमता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

यात्रा अवधि के दौरान मैदानी स्तर पर पुलिस की सक्रियता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। आईजी गढ़वाल ने निर्देश दिए कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्वयं सक्रिय रूप से भ्रमणशील रहें और व्यवस्थाओं का लगातार जायजा लेते रहें। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालयों में बैठकर निगरानी पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर लगातार उपस्थिति और सतर्कता से ही यात्रा व्यवस्था को सुचारु रखा जा सकेगा।
चारधाम यात्रा के दौरान स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में निर्देश दिए गए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में व्यापार संघों, टैक्सी यूनियनों और होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करें। इसका उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान यातायात, आवास, यात्रियों की सुविधा, दर नियंत्रण, अनुशासन और आपात स्थितियों में बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। पुलिस मानती है कि स्थानीय व्यापारिक और परिवहन संगठनों के सहयोग के बिना यात्रा प्रबंधन को पूरी तरह प्रभावी बनाना संभव नहीं है।
सोशल मीडिया पर निगरानी को लेकर भी आईजी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर विशेष और सतर्क दृष्टि रखी जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या भड़काऊ सामग्री के प्रसार पर जनपद स्तर पर स्थापित सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल तत्काल कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान छोटी-सी गलत सूचना भी भीड़, भ्रम और अव्यवस्था का कारण बन सकती है, इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर त्वरित निगरानी और प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि चारधाम यात्रा को केवल सुरक्षा दृष्टि से नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के नजरिए से भी देखा जाए। यात्री मार्गों, पड़ाव स्थलों, यातायात संचालन, पार्किंग, स्थानीय समन्वय और सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर यात्रा को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सभी जनपद गंभीरता से काम करें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एसएसपी हरिद्वार नवनीत भुल्लर, एसएसपी पौड़ी गढ़वाल सर्वेश पंवार, एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल, एसपी चमोली सुरजीत पंवार, एसपी रुद्रप्रयाग सुश्री निहारिका तोमर, एसपी उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय तथा एसपी ग्रामीण देहरादून श्रीमती जया बलूनी उपस्थित रहे।
गढ़वाल परिक्षेत्र पुलिस की इस उच्चस्तरीय बैठक को चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि समय रहते दिए गए इन निर्देशों से यात्रा प्रबंधन, यात्री सुरक्षा और पुलिस-प्रशासनिक समन्वय को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा।
