उत्तराखंड,09,02,2026
लोक भवन में “फ्लेवर ऑफ देवभूमि” पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक केवल व्यंजनों का संकलन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आत्मा, उसकी पारंपरिक रसोई, संस्कृति और जीवन-दर्शन का जीवंत दस्तावेज़ है। मंडुआ, झंगोरा, जखिया जैसे हमारे पारंपरिक अनाज और मसाले न केवल स्वाद से भरपूर हैं, बल्कि स्वास्थ्य और औषधीय गुणों का भी अनमोल भंडार हैं। यह प्रयास हमारी प्राचीन रसोई परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
मुझे विशेष रूप से इस बात का संतोष है कि इस समृद्ध परंपरा को संजोकर रखने में मातृ-शक्ति की भूमिका सदैव केंद्रीय रही है। पहाड़ की महिलाओं ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इन परंपराओं को जीवित रखा है। आज जब विश्व जैविक और प्राकृतिक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है, उत्तराखण्ड इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। पुस्तक से जुड़े सभी रचनाकारों और टीम को इस प्रेरक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
