प्रयागराज 9 मार्च (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य की योगी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है । इसके लिए एक तरफ निराश्रित गोवंश के लिए गो आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं तो वहीं वहां गोवंश के लिए चारा, पानी और बीमारी की स्थिति में उपचार उपलब्ध हो रहा है। हर गोवंश पर सरकार की नजर है इसके लिए 24&7 इनकी निगरानी भी की जा रही है।
सरकार की प्राथमिकता है कि सड़कों और खेतों में घूम रहे गोवंश को सुरक्षित स्थान मिले और उनकी समुचित देखभाल हो। इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले में गो-आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। प्रयागराज मंडल के अपर निदेशक पशुधन डॉ अनिल कुमार बताते हैं कि मंडल के 346 गो आश्रय स्थलों में 79,350 बेसहारा गोवंश को आश्रय दिया गया है। इसमें प्रयागराज जनपद में सबसे अधिक 36,673 गोवंश यहां को 130 गो आश्रय स्थलों में संरक्षित हैं।
इसी तरह प्रतापगढ़ में 77, कौशाम्बी में 76 और फतेहपुर 63 गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं जहां 42,667 गो वंश को आश्रय मिला है।
इसके अलावा निराश्रित गायों को किसानों और पशुपालकों को सौंपा जा रहा है। सरकार पशुपालकों को प्रति गोवंश लगभग 1500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देती है, जिससे पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है और निराश्रित पशुओं की संख्या कम करने में मदद मिल रही है।
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हर गोवंश पर सरकार की नजर, जिम्मेदाराना देखभाल
प्रयागराज। गो आश्रय स्थलों के निर्माण मात्र को ही सुनिश्चित कर देने से गोवंश के संरक्षण और संवर्धन की सरकार की जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। सरकार ने इनक
(प्रयागराज)प्रयागराज में 36 हजार से अधिक बेसहारा गोवंश को मिला ठिकाना
प्रयागराज में 130, प्रतापगढ़ में 77, कौशाम्बी में 76 और फतेहपुर 63 गो आश्रय स्थल
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