देहरादून,24,11,2025
देहरादून, 24 नवंबर 2025। साइबर अपराध गिरोहों के लिए भारतीय युवाओं की तस्करी करने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एसटीएफ ने तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया है। ये एजेंट स्थानीय युवाओं को मोटी कमाई का लालच देकर अवैध रूप से म्यांमार भेजते थे, जहाँ उनसे ऑनलाइन धोखाधड़ी सहित साइबर अपराध से जुड़े कार्य कराए जाते थे।
कैसे ले जाते थे युवाओं को म्यांमार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह युवाओं को पहले थाई वीज़ा के माध्यम से बैंकॉक भेजता था। इसके बाद उन्हें अवैध रूप से म्यांमार के म्यावाड्डी शहर में प्रवेश कराया जाता था, जहाँ कुख्यात ‘केके पार्क’ स्थित है—एशिया का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड हब माना जाने वाला यह क्षेत्र कई अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की गतिविधियों का केंद्र है।
पुलिस के अनुसार एजेंट व्यक्तिगत संपर्क, सोशल मीडिया, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए युवाओं से संपर्क कर उन्हें जाल में फँसाते थे। उनसे भारी रकम भी वसूली जाती थी।
भारतीय युवाओं की सुरक्षित वापसी
एसटीएफ ने बताया कि म्यावाड्डी में फँसे कई भारतीय युवकों को सुरक्षित निकालकर वापस भारत लाया गया है। दिल्ली पहुँचने के बाद इन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
इनमें उत्तराखंड के नौ युवक भी शामिल हैं।
इन तीन एजेंटों की हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ के सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा के अनुसार अब तक तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है—
सुनील कुमार, निवासी जसपुर (उधमसिंह नगर)
नीरव चौधरी, निवासी काशीपुर
प्रदीप, निवासी काशीपुर क्षेत्र
इनके खिलाफ तस्करी, धोखाधड़ी और साइबर अपराध में संलिप्तता के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इनसे जुड़े पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
